Thursday, October 7, 2010

अली बाबा और चिट्ठाजगत के बीच चालीस कामन फ़ैक्टर है

अली बाबा के और चिट्ठाजगत में चालीस की समानता देखिये

        इस सबमें वो गुण नहीं है जो बंटी चोर में हैं. लेकिन अलीबाबा साफ़ साफ़ कहे देता हूं कि किसी भी स्थिति में आने वाले दिनों में ये बंटी मुआ टाप टेन में जगह लेगा ये पक्की बात है बाक़ी लोग जो रात रात जाग के चिटियाते हैं बज़्ज़ पे बज़्ज़ियातें हैं ट्रैफ़िक बढ़ाने बिना बांचे टिपियाते हैं फ़ून पे इसकी उसकी चुगली खाते हैं गुरु वे सब सबसे पीछे रहेंगें ... जे बात पक्की जान लो....! मान सकते हो तो भैया मान भी लो .  
आज़ गिरजेश राव की ये पोस्ट ज़रूर देखना जी   
सर्वप्रथम अपेक्षित। चोन्हरई मने क्या? यह भोजपूरी क्षेत्र का वह शब्दरत्न है जिसका भाईचारा बुरधुधुर, लड़बकार, चिलगोंजई, चूतिया आदि से है। t0
इन शब्दों को ज्ञानी लोगों द्वारा अश्लील, भदेस और निरर्थक माना जाता रहा है। असल में यह उनका अज्ञान है। वे भी इनके अर्थ समझते हैं लेकिन व्याख्या करने में स्वयं को अक्षम पाते हैं। शब्दों के अर्थ समझते हुए और बिना अर्थ अनर्थ की चिंता किए धडल्ले से प्रयोग करने की समृद्ध अज्ञानी सनातन परम्परा श्लील, अश्लील जैसे बेहूदे विमर्शों में नहीं पड़ती। बात में घंटा घहराना हो तो यूजो और भूलो। अर्थ जान कर क्या उखाड़ना?
हुआ यह कि गई 30 सितम्बर को एक चिर उदार और एक चिर ज़िद्दी के बीच सम्पत्ति विवाद का फैसला आने वाला था। आग में मूतने की छूट तो ज़िद्दी को मिली ही हुई है, समस्या यह है कि उदार भी गुस्सा कर अड़ गया है। तो उस दिन जब पूरा देश साँसों को अरगनी पर टाँगे ज़ेहनी हाँफ में व्यस्त था, मैं भी हाँफा डाफा में लगा हुआ था।  
बेचैनी में टहलते हुए निषिद्ध स्थान - जहाँ कथित चर्चाएँ की जाती हैं - पर पहुँच गया। एक दिन पुरानी कथित चर्चा में अपनी पोस्ट का लिंक देख कर हैरान हुआ और उसके नीचे की भड़ैती देख झंड हो गया। आप भी देखिए:

9 comments:

Udan Tashtari said...

अलीबाबा के ४० चोरों वाले गुण मिलान नहीं किये?? :)

Girish Billore Mukul said...

समीर भाई
गज़ब ब्लागिंग जारी है
अब मोर भी आ गये

ललित शर्मा said...

अब चोर पर मोर भी आए

Girish Billore Mukul said...

ab raj path inako de do our chalo bhaiyaa himalay me

अजय कुमार said...

ब्लाग जगत में स्वागत है । सतत , सार्थक लेखन के लिये शुभकामनायें ।

बंटी "द मास्टर स्ट्रोक" said...

भई वाह, नाम तो बढ़िया रखा है आपने ..... चोर पे मोर, पर आप करने क्या वाले है .... चोरी करने के लिए तो हम ही बहुत हैं ....

बंटी "द मास्टर स्ट्रोक" said...

हा अगर चोरी में हाथ बटाना चाहते हो तो स्वागत है .....

Dr.Dayaram Aalok said...

bahut umda.majaa aayaa.

Anonymous said...

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